Department of Hindi

Department Information

सन् 1971 में श्री शहाजी छत्रपति महाविद्यालय की स्थापना हुई। सन् 1974 में स्वतंत्र हिंदी विभाग स्थापित हुआ।

प्रा. रजनी भागवत हिंदी विभाग की प्रथम अध्यक्ष रही। उनके साथ प्रा. मा. के. तिवले जी ने हिंदी विभाग में अपना योगदान दिया। सद्यस्थिती में हिंदी विभागाध्यक्ष अरुण कांबले एवं प्रा. डॉ.एस.एस.पाटील हिंदी विभाग में अध्यापन कार्य कर रहे हैं।

हिंदी विभाग की सुविधाएं :

पिछले 46 वर्षों से हिंदी विभाग स्वतंत्र रुप में कार्यरत हैं। पाठ्यक्रम से संबंधित किताबें, हिंदी विभाग से संलग्न रोजगार आधारित अभ्यासक्रमों से संबंधित किताबें, हिंदी प्रबोध परिक्षा के लिए निर्धारित अभ्यासक्रम से संलग्न पुस्तके एवं संदर्भग्रंथों से परिपूर्ण ग्रंथालय, इसके साथ दो लोकप्रिय हिंदी दै. समाचार पत्र, नियतकालीक विभाग में उपलब्ध हैं। हिंदी के मुर्धन्य साहित्यकारोंसे छात्र भलिभाँति परिचित हों, इसलिए संत कबीर, भारतेंदू, जयशंकर प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी वर्मा, प्रेमचंद आदि महानुभावोंकी तसवीरें कक्षामें स्थापित की है।

विभागीय ग्रंथालय :

हिंदी विभाग का अपना स्वतंत्र ग्रंथालय है। बँक ऑफ महाराष्ट्र, क्षेत्रीय कार्यालय, कोल्हापुर द्वारा महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए प्राप्त सहायता राशी रू. 5000/- एवं उसी संगोष्ठी के प्रोसिडिंग में विज्ञापन प्रकाशित करने के हेतु राशिवडेकर पाटील ज्वेलर्स कोल्हापुर इस फर्म से प्राप्त 5000/- रू. से प्रस्तुत ग्रंथालय का निर्माण किया गया है। इस ग्रंथालय में 140 संदर्भ ग्रंथ, 125 क्रमिक पुस्तके, 4 हिंदी नियतकालीक तथा प्रसिद्ध लेखकों के उपन्यास कहानी संग्रह, काव्यसंग्रह, नाटक आदि उपलब्ध है।

WhatsApp ग्रुप :

शैक्षिक वर्ष 2020-21 से बी.ए. भाग-1/2/3 के लिए ऑनलाइन अध्यापन प्रक्रिया की शुरुआत की गई है। कक्षा के अनुसार छात्र-छात्राओं के वॉटस्अॅप ग्रुप बनाए है। इसी के जरिए ऑडिओ, व्हिडिओ, संदर्भ साहित्य, व्याख्यान, टिप्पण, यूट्युब लिंक्स, प्रश्नपत्र आदि द्वारा अध्ययन-अध्यापन प्रक्रिया सुचारु रुप से जारी है।

अध्ययन स्त्रोत :

आधुनिक इलेक्ट्रानिक्स तथा डिजिटल तकनिकी प्रणाली के मद्देनजर हिंदी विभाग में निम्नलिखित शिक्षा सुविधाएँ उपलब्ध है।

  • इ-जर्नल्स : 4
  • पी.पी.टी. बँक : 6
  • यु-ट्युब व्हिडिओज् और ऑडिओज् : 5
  • ब्लॉग : 1
अंतर्गत मूल्यांकन पद्धति

छात्रों के मूल्यांकन के लिए प्रश्नपत्र संच बँक, ओपन बुक एक्झाम, पूर्व परीक्षा, मौखिक परीक्षा, सेमीनार, प्रोजेक्ट, सरप्राइज टेस्ट आदि का अवलंब किया जाता है। तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए महाविद्यालय द्वारा अंतर्गत मूल्यांकन बुक बनाई है जिसमें छात्र सेमीनार तथा प्रोजेक्ट का लेखन करते है।

अभ्यास पूरक उपक्रम

हिंदी विभाग में आजीवन विस्तार एवं अध्ययन विभाग शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर का ‘हिंदी अनुवाद’ अभ्यासक्रम शुरु किया गया है।